IIT से PhD, जापान से MBA: जानें कौन हैं ULLU App के मालिक विभु अग्रवाल, जो बनाते हैं ‘बोल्ड’ फिल्में”

एक हैरान करने वाला विरोधाभास

कल्पना कीजिए एक ऐसे व्यक्ति की जिसने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की हो, बिजनेस की दुनिया को समझने के लिए जापान से MBA किया हो, और फिर ज्ञान की अपनी खोज को पूरा करने के लिए अमेरिका की विश्व प्रसिद्ध स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से PhD की डिग्री हासिल की हो। ऐसे शानदार अकादमिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति से आप क्या करने की उम्मीद करेंगे? शायद किसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी का CEO बनना, या कोई वैज्ञानिक अविष्कार करना।लेकिन अगर हम कहें कि यह प्रोफाइल भारत के सबसे विवादास्पद OTT प्लेटफॉर्म्स में से एक, ULLU App, के संस्थापक की है, तो शायद आप चौंक जाएंगे। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि ULLU App के संस्थापक और CEO, विभु अग्रवाल की असलियत है। उनकी अकादमिक योग्यता और उनके सबसे प्रसिद्ध बिजनेस का कंटेंट, दोनों एक दूसरे से बिल्कुल विपरीत हैं। आइए जानते हैं उनकी इस दिलचस्प और विरोधाभासी कहानी को। 

उनकी शानदार अकादमिक यात्रा

विभु अग्रवाल की शैक्षिक पृष्ठभूमि किसी भी कॉर्पोरेट लीडर के लिए एक सपना हो सकती है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ से आने वाले विभु ने अपनी मेधा का लोहा मनवाते हुए IIT कानपुर जैसे संस्थान में प्रवेश लिया। इंजीनियरिंग में स्नातक होने के बाद, उन्होंने अपनी व्यावसायिक समझ को तेज करने के लिए जापान का रुख किया और वहाँ से MBA की डिग्री हासिल की। उनकी ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई; उन्होंने रिसर्च के क्षेत्र में कदम रखा और अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से PhD की उपाधि प्राप्त की। यह प्रोफाइल उन्हें अकादमिक दुनिया के शिखर पर स्थापित करता है। 

स्टील के कारोबार से स्क्रीन के ग्लैमर तक का सफर

OTT की दुनिया में कदम रखने से पहले, विभु अग्रवाल एक सफल और पारंपरिक उद्योगपति थे। उन्होंने 1995 में JAYPEECO India Pvt Ltd नाम से एक स्टील प्रोडक्शन कंपनी की स्थापना की थी, जो टीएमटी बार बनाती थी। कई वर्षों तक इस व्यवसाय को सफलतापूर्वक चलाने के बाद, उन्होंने 2018 के आसपास भारत में तेजी से बदल रहे डिजिटल परिदृश्य में एक बड़ा अवसर देखा।यह वह दौर था जब Jio के आने से इंटरनेट डेटा सस्ता हो गया था और भारत का एक बड़ा वर्ग, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों का, मनोरंजन के लिए मोबाइल स्क्रीन की ओर रुख कर रहा था। विभु अग्रवाल ने इसी बाजार की नब्ज को पकड़ा। उन्होंने महसूस किया कि एक बड़ा दर्शक वर्ग ऐसा है जो हिंदी भाषा में बोल्ड और वयस्क विषयों पर आधारित कंटेंट देखना चाहता है, लेकिन बड़े OTT प्लेटफॉर्म्स इस मांग को पूरा नहीं कर रहे थे। इसी अवसर को भुनाने के लिए उन्होंने 2018 में Ullu App लॉन्च किया। 

ULLU का बिजनेस मॉडल: विवाद और कमाई

Ullu का बिजनेस मॉडल बहुत स्पष्ट और आक्रामक था: कम बजट में तेजी से ऐसी वेब सीरीज का निर्माण करना जिनकी कहानी बोल्ड, इरोटिक और सनसनीखेज हो, और इसे एक किफायती सब्सक्रिप्शन मॉडल के जरिए दर्शकों तक पहुँचाना। यह रणनीति काम कर गई। ऐप तेजी से लोकप्रिय हुआ, खासकर छोटे शहरों और कस्बों में।वित्तीय सफलता की बात करें तो, रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 में कंपनी ने ₹100 करोड़ से अधिक का राजस्व अर्जित किया, जिसमें ₹15 करोड़ से ज़्यादा का शुद्ध लाभ शामिल था।हालांकि, ULLU की यह सफलता हमेशा विवादों के साये में रही है। इसके कंटेंट पर अक्सर अश्लीलता फैलाने और महिलाओं को गलत तरीके से चित्रित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। यह प्लेटफॉर्म लगातार सरकारी एजेंसियों, सामाजिक संगठनों और अदालतों के रडार पर रहा है। इन्हीं विवादों के कारण, इसके भविष्य पर हमेशा रेगुलेटरी कार्रवाई का खतरा बना रहता है। 

एक सिक्के के दो पहलू: 'अतरंगी' और 'हरी ओम' ऐप्स

विभु अग्रवाल की व्यावसायिक समझ केवल ULLU तक सीमित नहीं है। विवादों से होने वाले जोखिम को समझते हुए, उन्होंने अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए कुछ आश्चर्यजनक कदम उठाए हैं। उन्होंने "अतरंगी" नाम से एक जनरल एंटरटेनमेंट ऐप और टीवी चैनल लॉन्च किया, जो सामान्य पारिवारिक शो, फिल्में और धारावाहिक दिखाता है।इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि उन्होंने "हरी ओम" नामक एक भक्ति ऐप भी लॉन्च किया है, जो पूरी तरह से धार्मिक कथाओं, भजनों और आध्यात्मिक कंटेंट पर केंद्रित है। एक तरफ बोल्ड कंटेंट और दूसरी तरफ भक्ति ऐप, यह विभु अग्रवाल के जटिल व्यावसायिक व्यक्तित्व को दर्शाता है। यह उनकी छवि को संतुलित करने की कोशिश भी हो सकती है और एक सुरक्षित, विवाद-मुक्त राजस्व स्रोत बनाने की एक सोची-समझी रणनीति भी। 

निष्कर्ष: एक जटिल और सफल उद्यमी

IIT से PhD, एक सफल स्टील कारोबारी, एक विवादास्पद OTT प्लेटफॉर्म के मालिक, और एक भक्ति ऐप के निर्माता विभु अग्रवाल की पहचान कई परतों में बंटी हुई है। वह एक ऐसे उद्यमी हैं जिन्होंने अकादमिक दुनिया की ऊंचाइयों को भी छुआ है और बाजार के उस कोने से भी मुनाफा कमाया है जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।उनकी कहानी भारतीय उद्यमिता का एक जटिल, विरोधाभासी और बेहद सफल अध्याय है। भविष्य में वे विवाद और व्यवसाय के बीच संतुलन कैसे बनाते हैं, यह देखना भारतीय डिजिटल मीडिया जगत के लिए बहुत दिलचस्प होगा। 

ALTT की प्रतिबद्धता: भरोसेमंद ज्ञान, आपके लिए

इंटरनेट ज्ञान का सागर है, पर हर सीप में मोती नहीं होता। ALTT टीम आपके लिए गोताखोर का काम करती है; हम हज़ारों जानकारियों को खंगालते हैं, तथ्यों की कसौटी पर परखते हैं, और केवल वही अनमोल ज्ञान आप तक लाते हैं जो सच में उपयोगी और विश्वसनीय हो।
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Could 25 Indian OTT Platforms Be Banned by 2025? A Full Analysis of a Possible Future

The Rising Tide of OTT Regulation in India

In a significant shift for India's digital landscape, the era of unregulated online content appears to be drawing to a close. With the explosive growth of Over-The-Top (OTT) platforms, the Ministry of Information and Broadcasting (MIB) has become increasingly active in monitoring and regulating the nature of content being streamed. Recent years have seen numerous warnings, content takedowns, and a clear signal from the government to curb obscenity.This raises a critical question: Could this trend culminate in a massive, nationwide ban on multiple platforms? This analysis explores the hypothetical possibility of a large-scale ban, perhaps by 2025, and examines the reasons, legal frameworks, and potential impact of such a decisive move. 

Why Might Such a Ban Be Implemented? The Potential Reasons

If the government were to take such a drastic step, the primary reasons would likely mirror the complaints and concerns that are already growing louder. The core issues that could trigger a ban would be:
  • Content that is perceived to have little to no credible storyline or social context, focusing primarily on nudity, explicit scenes, and vulgarity.
  • The indecent representation of women, which violates both cultural standards and specific laws.
  • The streaming of material that borders on pornographic elements, presented under the guise of a web series.
  • A significant and growing number of complaints from the public, social organizations, and political bodies regarding the negative impact of such content on children, women, and society at large.
 

Which Platforms Could Be at Risk? A Hypothetical List

If such a sweeping ban were to occur, which platforms might fall under the government's scanner based on current content trends and user complaints? For illustrative and analytical purposes, a list of platforms that often face scrutiny for their "bold" or "spicy" content could potentially include the following: 
  1. ULLU
  2. ALTT (formerly ALTBalaji)
  3. Desiflix
  4. Big Shots App
  5. Boomex
  6. NeonX VIP
  7. Navarasa Lite
  8. Gulab App
  9. Kangan App
  10. Bull App
  11. Jalva App
  12. Wow Entertainment
  13. Look Entertainment
  14. Hitprime
  15. Feneo
  16. ShowX
  17. Sol Talkies
  18. Adda TV
  19. HotX VIP
  20. Hulchul App
  21. MoodX
  22. Fugi
  23. Mojflix
  24. Triflicks
  25. ShowHit
It is important to reiterate that this list is speculative, based on the type of content that has previously attracted government attention and user complaints. 

The Legal Framework for Regulating OTT Content

The government's authority to implement such a ban would stem from several existing legal frameworks that provide the power to regulate digital content. These tools could be invoked to justify a ban:
  • Information Technology Act, 2000 (Sections 67 and 67A): This Act directly addresses the prohibition of publishing or transmitting obscene and sexually explicit material in electronic form.
  • Indecent Representation of Women (Prohibition) Act, 1986: This law prohibits the indecent representation of women through advertisements, publications, writings, paintings, or any other manner.
  • Indian Penal Code (IPC): Various sections of the IPC address offences related to obscenity and public morality.
  • IT Rules, 2021: The Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code lays down a clear framework for content moderation, grievance redressal, and compliance for digital media platforms operating in India. A failure to comply could lead to a loss of "safe harbour" protections and direct legal action.
 

The Potential Government Rationale Behind a Ban

The official rationale from the Ministry of Information and Broadcasting for such a move would likely emphasize the following points:
  • Protecting Societal Values: A primary argument would be the need to uphold Indian cultural and ethical standards in the digital space.
  • Safeguarding Vulnerable Sections: The government would highlight the potential harmful influences of obscene content on the youth and children.
  • Enforcing the Law: It would be framed as a necessary enforcement action against platforms repeatedly violating India’s existing laws.
  • Promoting Responsible Entertainment: The government would stress the need for digital platforms to act responsibly and self-regulate in line with Indian values, fostering a healthy online environment.
 

Potential Impact and Reactions

Such a sweeping ban would be seen as a landmark enforcement of content regulation in the Indian digital ecosystem. The impact would be significant and multifaceted. While many would likely praise it as a necessary step to "clean up" the digital space and protect societal values, it would also spark a fierce debate around freedom of expression, artistic creativity, and the potential for censorship. Digital rights activists and some content creators would likely argue for more nuanced moderation and user-based controls rather than outright bans.Nevertheless, such a move would underscore the Indian government’s seriousness in monitoring digital content and would set a powerful precedent for the future of OTT and app-based entertainment in India. 

A Possible Future for Digital Regulation

While a mass ban on 25 OTT platforms by 2025 remains a hypothetical scenario, the possibility marks a critical point for discussion on the future of digital freedom and regulation in India. The current trajectory of government actions and public discourse suggests that the demand for accountability from OTT platforms will only grow stronger. Whether this leads to stricter self-regulation or a large-scale government crackdown remains to be seen, but it is clear that the Wild West era of Indian digital content is officially over.
2025 में भारत सरकार द्वारा बैन किए गए 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और ऐप्स

क्या भारत में 25 OTT प्लेटफॉर्म्स बैन हो सकते हैं? जानें सरकारी नियम, कारण और सब कुछ जानें

क्या भारत में OTT पर लगेगी अब तक की सबसे बड़ी लगाम?

भारत का डिजिटल मनोरंजन जगत एक बड़े बदलाव के दौर से गुज़र रहा है। पिछले कुछ समय से, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने ऑनलाइन कंटेंट, खासकर OTT प्लेटफॉर्म्स पर परोसी जा रही सामग्री पर अपनी निगरानी बढ़ाई है। अश्लीलता और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर कई प्लेटफॉर्म्स को चेतावनियां भी मिली हैं।ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है: क्या यह बढ़ती सख्ती भविष्य में एक बड़े राष्ट्रव्यापी बैन का रूप ले सकती है? यह विश्लेषण इसी संभावना की पड़ताल करता है कि क्या भविष्य में, संभवतः 2025 तक, सरकार अश्लीलता पर लगाम कसने के लिए 25 OTT ऐप्स पर बैन जैसा कोई बड़ा कदम उठा सकती है

ऐसा बैन क्यों लगाया जा सकता है? (संभावित कारण)

यदि सरकार भविष्य में ऐसा कोई कड़ा कदम उठाती है, तो उसके पीछे निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:
  • अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट: ऐसे प्लेटफॉर्म्स जो बिना किसी सामाजिक संदर्भ या कहानी के केवल नग्नता और अश्लील दृश्यों पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
  • महिलाओं का गलत चित्रण: भारतीय कानूनों और सामाजिक मानदंडों का उल्लंघन करते हुए महिलाओं का अशोभनीय चित्रण करना।
  • बढ़ती जन-शिकायतें: आम जनता, सामाजिक संगठनों और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग जैसी संस्थाओं की ओर से लगातार मिल रही शिकायतें।
 

कौन से प्लेटफॉर्म्स हो सकते हैं खतरे में? (एक सांकेतिक सूची)

यदि ऐसा कोई बैन होता है, तो वे कौन से प्लेटफॉर्म हो सकते हैं जो जांच के दायरे में आ सकते हैं? सार्वजनिक डोमेन में मौजूद शिकायतों और कंटेंट की प्रकृति के आधार पर, उदाहरण के लिए, निम्न जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की संभावना बन सकती है:
  1. ULLU
  2. ALTT
  3. Desiflix
  4. Big Shots App
  5. Boomex
  6. NeonX VIP
  7. Navarasa Lite
  8. Gulab App
  9. Kangan App
  10. Bull App
  11. Jalva App
  12. Wow Entertainment
  13. Look Entertainment
  14. Hitprime
  15. Feneo
  16. ShowX
  17. Sol Talkies
  18. Adda TV
  19. HotX VIP
  20. Hulchul App
  21. MoodX
  22. Fugi
  23. Mojflix
  24. Triflicks
  25. ShowHit
कृपया ध्यान दें: यह सूची केवल विश्लेषणात्मक और सांकेतिक है, जो उन प्लेटफॉर्म्स पर आधारित है जिनके कंटेंट को लेकर अक्सर विवाद होता है। 

किन कानूनों के तहत हो सकती है कार्रवाई?

सरकार के पास डिजिटल कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए कई मज़बूत कानूनी ढाँचे मौजूद हैं, जिनका उपयोग ऐसे किसी भी बैन को लागू करने के लिए किया जा सकता है:
  • सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Section 67, 67A)
  • इंडसेंट रिप्रेजेंटेशन ऑफ वूमेन (प्रोहिबिशन) एक्ट, 1986
  • भारतीय दंड संहिता (IPC)
  • आईटी नियम, 2021 (डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड)
 

निष्कर्ष: डिजिटल मीडिया का भविष्य

हालांकि 25 OTT प्लेटफॉर्म्स पर एक साथ बैन लगना अभी केवल एक काल्पनिक परिदृश्य है, लेकिन इसकी संभावना भारतीय डिजिटल मनोरंजन के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत देती है। यह स्पष्ट है कि सरकार कंटेंट रेगुलेशन को लेकर गंभीर है और प्लेटफॉर्म्स को ज़्यादा जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है। यह कदम डिजिटल स्पेस में एक स्वस्थ और सुरक्षित माहौल बनाने की दिशा में एक बड़ा संकेत हो सकता है।
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